चंडीगढ़ , मार्च 19 -- हरियाणा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत 909.22 करोड़ रुपये की कार्य योजना को अंतिम रूप दिया गया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 545.53 करोड़ रुपये और राज्य सरकार की ओर से 363.69 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना, सिंचाई दक्षता में सुधार करना और कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। कृषि यंत्रीकरण पर विशेष फोकस रखते हुए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई जा सके।
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जिससे पराली जलाने की समस्या को कम करने और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं बागवानी क्षेत्र के विस्तार और विपणन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 110 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
'प्रति बूंद अधिक फसल' कार्यक्रम के तहत 160 करोड़ रुपये सिंचाई दक्षता बढ़ाने पर खर्च किये जाएंगे, जबकि 15 करोड़ रुपये प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित किये गये हैं। इसके अलावा, तिलहन, दलहन और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय मिशनों के तहत भी बजट का प्रावधान किया गया है।
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