चंडीगढ़ , जनवरी 07 -- हरियाणा सरकार ने राज्य सरकार की प्रतिभूतियों (स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज) की बिक्री एवं निर्गम से संबंधित सामान्य नियम और शर्तें अधिसूचित कर दी हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना 20 जुलाई 2007 को जारी पूर्व अधिसूचना का स्थान लेगी।

अधिसूचना में 'हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री एवं निर्गम हेतु सामान्य अधिसूचना' के अंतर्गत प्रतिभूतियों के उद्देश्य, प्रकार, विशेषताएं, पात्र निवेशक और निर्गम प्रक्रिया का विस्तृत उल्लेख किया गया है। ये प्रतिभूतियां भारत के संविधान के अनुच्छेद 293(1) के तहत हरियाणा राज्य के समेकित कोष की सुरक्षा के विरुद्ध जारी की जाएंगी।

सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियां जारी की जा सकेंगी, जिनमें निश्चित कूपन दर वाली प्रतिभूतियां प्रमुख होंगी। कूपन दर का निर्धारण नीलामी अथवा अधिसूचित अन्य विधियों से किया जाएगा। प्रतिभूतियों को अंकित मूल्य, छूट या प्रीमियम पर जारी किया जा सकेगा, जिनकी न्यूनतम परिपक्वता अवधि एक वर्ष होगी।

पात्र निवेशकों में भारत के निवासी व्यक्ति, फर्म, कंपनियां, संस्थान, भविष्य निधि व पेंशन फंड, ट्रस्ट, हिंदू अविभाजित परिवार, अन्य राज्य सरकारें तथा विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। गैर-निवासी निवेशक भी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत निवेश कर सकेंगे।

प्रतिभूतियों के निर्गम से संबंधित परिचालन विवरण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रेस विज्ञप्ति या अन्य माध्यमों से अधिसूचित किए जाएंगे। ये प्रतिभूतियां डीमैट रूप में रिजर्व बैंक के सहायक सामान्य लेखा (एसजीएल) या घटक सहायक सामान्य लेखा (सीएसजीएल) खातों के माध्यम से जारी होंगी। न्यूनतम सदस्यता राशि 10,000 रुपये और उसके गुणकों में निर्धारित की गई है।

कूपन भुगतान एवं मूलधन की अदायगी रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। अधिसूचना में परिपक्वता से पूर्व पुनर्भुगतान, बायबैक, हस्तांतरणीयता, रूपांतरण तथा प्रतिभूतियों के समेकन से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। प्रतिभूतियों से संबंधित किसी भी विवाद का निपटारा न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा।

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