नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- 68वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिताओं (एनएससीसी) का समापन मंगलवार को 36 दिनों की प्रतिस्पर्धा के बाद हुआ। इस दौरान 16,500 से अधिक निशानेबाज़ों ने 45 स्पर्धाओं में नई दिल्ली और भोपाल के दो वेन्यू पर हिस्सा लिया, जिससे यह चैंपियनशिप के इतिहास के सबसे बड़े संस्करणों में से एक बन गई। राष्ट्रीय चैंपियनशिप के समापन पर हरियाणा ने राइफल, पिस्टल और शॉटगन-तीनों विधाओं में निरंतर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और सबसे सफल राज्य के रूप में उभरा।

राष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक तालिका में हरियाणा ने 31 स्वर्ण, 13 रजत और 16 कांस्य पदकों के साथ कुल 60 पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया। हरियाणा का दबदबा सभी विधाओं में देखने को मिला-राइफल में 13 स्वर्ण, पिस्टल में 14 स्वर्ण और शॉटगन स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक।

महाराष्ट्र ने 24 स्वर्ण, नौ रजत और नौ कांस्य पदकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि राजस्थान 15 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य पदकों के साथ कुल 51 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रहा।

विधा-वार प्रदर्शन की बात करें तो हरियाणा ने राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि शॉटगन स्पर्धाओं में पंजाब ने नौ स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदकों के साथ बाज़ी मारी। पंजाब कुल मिलाकर 13 स्वर्ण पदकों के साथ राष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

अन्य कई राज्यों और संस्थागत इकाइयों ने भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश 12 स्वर्ण पदकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा, जबकि दिल्ली और कर्नाटक ने 11-11 स्वर्ण पदक जीते। उत्तर प्रदेश और आर्मी ने आठ-आठ स्वर्ण पदक हासिल किए, वहीं तमिलनाडु ने छह स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष दस में अपनी जगह बनाई।

कुल 33 राज्यों और संस्थागत इकाइयों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक तालिका में स्थान पाया और 473 पदक साझा किए, जो भारत की घरेलू शूटिंग संरचना की व्यापक भागीदारी और मजबूती को दर्शाता है।

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