चंडीगढ़ , फरवरी 18 -- हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा है कि राज्य राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। राज्य ने वार्षिक लक्ष्य का 98 प्रतिशत हासिल कर लिया है और उपचार में 90 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि दृढ़ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, सुदृढ़ निदान प्रणाली और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हरियाणा टीबी उन्मूलन की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर कई नयी रोगी-केंद्रित पहलों की घोषणा की गयी। इनमें राज्य टीबी सेल की समर्पित वेबसाइट का शुभारंभ, टीबी से स्वस्थ हुए लोगों के लिए सिलाई मशीन केंद्र की स्थापना, टीबी मृत्यु दर कम करने के लिए नैदानिक मार्गदर्शन दस्तावेज, सेलिब्रिटी आधारित जागरूकता अभियान तथा निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ एसएनए स्पर्श का एकीकरण शामिल है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य ने 9,75,000 के लक्ष्य के मुकाबले 12,52,537 थूक परीक्षण किये। कुल 88,689 टीबी मामले दर्ज हुए, जो निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। निजी क्षेत्र ने 105 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। वर्ष 2024 में 74,483 रोगियों का सफल उपचार हुआ। एचआईवी जांच कवरेज 98 प्रतिशत तथा मधुमेह जांच 96 प्रतिशत रही।
राज्य में 23 जिला टीबी केंद्र, 168 टीबी इकाइयां और 452 माइक्रोस्कोपी केंद्र कार्यरत हैं। 45 सीबीएनएएटी, 53 ट्रूनेट मशीनें तथा करनाल और पीजीआईएमएस रोहतक में दो उन्नत प्रयोगशालाएं सेवाएं दे रही हैं।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 34 लाख से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान की गई तथा 2.64 लाख से अधिक पोषण किट वितरित की गयीं। वर्ष 2024 में 1,855 टीबी मुक्त पंचायतें स्थापित की गयीं।
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