चंडीगढ़ , मार्च 12 -- हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने गुरुवार को यमुना नदी की सफाई के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा की और प्रदूषण की प्रभावी निगरानी के लिए प्रत्येक नाले के लिए अलग-अलग समितियां गठित करने का निर्देश दिया। इन समितियों में संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे और संभागीय आयुक्त इसके अध्यक्ष होंगे। समितियां महीने में दो बार बैठक कर अपनी रिपोर्ट हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को देंगी।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि यमुना में गिरने वाली 11 प्रमुख नालियों से आने वाले 1632 एमएलडी अपशिष्ट जल में से लगभग 1000 एमएलडी का उपचार किया जा रहा है। सभी नालों में जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि प्रदूषण स्तर में लगातार कमी सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार राज्य में 1543 एमएलडी क्षमता वाले 91 सीवेज उपचार संयंत्र कार्यरत हैं, जबकि 88 एमएलडी क्षमता के तीन संयंत्र निर्माणाधीन हैं, जिनके मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा 227 एमएलडी क्षमता वाले नौ एसटीपी का उन्नयन किया जा रहा है और 510 एमएलडी क्षमता वाले नौ नए संयंत्र प्रस्तावित हैं।

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