चंडीगढ़ , जनवरी 22 -- हरियाणा में नगर निकाय चुनावों को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों के मेयर पदों के लिए आरक्षण का ड्रॉ गुरुवार को निकाला गया, जिसमें अंबाला नगर निगम की मेयर सीट महिला बीसी-बी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया। यह राज्य के इतिहास में पहली बार है जब किसी नगर निगम का मेयर पद सीधे तौर पर बीसी-बी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं पंचकूला और सोनीपत नगर निगम की मेयर सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।

इन तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल जनवरी माह में समाप्त हो चुका है। आरक्षण तय करने के लिए यह तीसरा ड्रॉ था। इससे पहले एक दिसंबर और 15 दिसंबर को ड्रॉ की प्रक्रिया तय की गई थी लेकिन विभिन्न कारणों से दोनों बार इसे स्थगित करना पड़ा।

हालांकि इससे पहले पानीपत नगर निगम में बीसी-बी वर्ग से आने वाली कोमल सैनी मेयर रह चुकी हैं, लेकिन वहां मेयर की सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित थी। उस समय भाजपा ने सामान्य वर्ग की महिला के बजाय बीसी-बी वर्ग से उम्मीदवार उतारा था। इस बार आरक्षण के कारण सीधे तौर पर बीसी-बी महिला को मेयर बनने का अवसर मिलेगा, जिसे सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

इसके साथ ही नगर परिषद रेवाड़ी और नगर पालिकाओं सांपला, उकलाना और धारूहेड़ा में प्रधान पद के आरक्षण को लेकर भी फैसला लिया गया। नियमों के तहत गठित समिति ने रोटेशन और अनुसूचित जाति की जनसंख्या के अनुपात को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद रेवाड़ी में प्रधान पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया है। वहीं उकलाना नगर पालिका में प्रधान पद महिला के लिए सुरक्षित किया गया है। इसके अलावा टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल सहित छह नगर निकायों में उपचुनाव कराए जाएंगे, जहां एक-एक वार्ड में पार्षद चुना जाएगा।

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