हरिद्वार , नवम्बर 10 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 72 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 31 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को भेजते हुए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में अतिक्रमण, राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत एवं सड़क से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से उठाई गईं। ग्राम भोगपुर की ग्राम प्रधान संतोषी देवी ने टाडा भागमल रोड पर हुए अवैध निर्माण हटवाने की मांग की, जबकि राजेश कुमार (डालूवाला मजबता) ने अपनी भूमि पर कब्जा दिलवाने की गुहार लगाई। जानकी देवी, निवासी लालढांग ने अपने प्लॉट (खसरा नं. 1574) पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने का अनुरोध किया। इसके अलावा ग्राम रसूलपुर मीठीबेरी के विपिन कुमार ने भी अपनी भूमि पर हुए कब्जे की शिकायत दर्ज कराई।
इसी प्रकार, चंद्रशेखर गोस्वामी ने दूधिया वन घाट नंबर एक स्थित निराश्रित पशुओं के आश्रय स्थल के विस्तारीकरण एवं सुविधा सुधार की मांग की। शिकायतकर्ता डॉ. प्रकाश चिंतामणि मालसे ने सूर्य कॉम्प्लेक्स के सामने हुए अतिक्रमण हटवाने की अपील की। मूलदासपुर के ग्रामीणों ने मूलदासपुर माजरा से धनौरी तक सड़क निर्माण की मांग रखी।
वहीं जेआरडी इंटरनेशनल स्कूल, गढ़ कुतुबपुर बहादराबाद के प्रतिनिधियों ने क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की, ताकि छात्र-छात्राओं को आने-जाने में सुविधा मिल सके। गांव मुण्डवाना के नितिन कुमार ने गंदगी और तालाबों की सफाई न होने से फैल रहे संक्रमण के खतरे को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
जिलाधिकारी दीक्षित ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना है। प्रत्येक सोमवार को यह कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा ताकि आमजन को शीघ्र न्याय मिल सके।
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