नयी दिल्ली , जनवरी 08 -- वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने गुरुवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटों को कैरियर के संंबंध में एक सशक्त संदेश दिया कि उन्हें असफलताओं से डरना नहीं चाहिए क्योंकि असफलता अंत नहीं बल्कि अक्सर महानता की शुरुआत होती है। उन्होंने कैडेटों से एनसीसी के मूल्यों को हमेशा याद रखने का आह्वान करते हुए कहा , " हम वर्दी पहनें या न पहनें, हमारा दिल वर्दीधारी होना चाहिए।"एयर चीफ मार्शल सिंह ने यहां दिल्ली छावनी स्थित एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा किया। कैडेटों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने जीवन के बेहद व्यक्तिगत अनुभव साझा किए जिनमें बचपन में स्कूल में दाखिला न मिल पाने से लेकर सेवा के दौरान पहले पदोन्नति बोर्ड में चूकना तक शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वह दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेनाओं में से एक के प्रमुख बने।
युवा कैडेटों को संबोधित करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक विकास प्रतिस्पर्धा से नहीं, आत्म-सुधार से होता है।
उन्होंने कहा, "यदि आप दूसरों से प्रतिस्पर्धा करेंगे, तो जिस दिन आप उनसे आगे निकल जाएंगे, उस दिन आपकी प्रगति रुक जाएगी। अपने आप से प्रतिस्पर्धा करें। आज से बेहतर बनने का प्रयास करें।"दृढ़ संकल्प के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि असफलता प्रयास का स्वाभाविक परिणाम है और इससे कभी डरना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा, "केवल वही लोग असफल होते हैं जो प्रयास करते हैं। जो कुछ नहीं करते, वे कभी असफल नहीं होते।"अपने जीवन की सच्ची घटनाएं साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें हरियाणा के राई स्थित स्पोर्ट्स स्कूल में प्रवेश नहीं मिल पाया था। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार वह अपनी पदोन्नति परीक्षा में चूक गए थे, जिससे उनकी पदोन्नति अपने बैच के सहयोगियों की तुलना में एक वर्ष देर से हुई।
उन्होंने कहा, "लेकिन फिर भी मैं प्रमुख बना। यह नियति में लिखा था।"भगवद गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्तव्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, पूरे मन से काम करना चाहिए और परिणामों से अत्यधिक आसक्त नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सलाह दी, "अपना सर्वश्रेष्ठ दें, कड़ी मेहनत करें और जो भी परिणाम आए, उसे गरिमा के साथ स्वीकार करें।"कैडेटों से महत्वाकांक्षी लेकिन विनम्र बने रहने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि प्रयास और सीखने की यात्रा मुकाम से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता के कोई 'शॉर्टकट' नहीं होते और कड़ी मेहनत, अनुशासन तथा माता-पिता और शिक्षकों द्वारा दिए गए मजबूत मूल्य ही स्थायी सफलता की नींव होते हैं।
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि सेना में शामिल होना और देश की सेवा करना ही एनसीसी का एकमात्र लक्ष्य नहीं है।
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