ढाका , जनवरी 10 -- बांग्लादेश के बल्लेबाज नजमुल हुसैन शांतो ने कहा है कि अक्सर बड़े टूर्नामेंटों से पहले और उसके दौरान होने वाले विवादों से निपटने के लिए उनके खिलाड़ियों को एक तरह का "ऐक्ट" करना पड़ता है, जैसे कि सबकुछ सामान्य है।

जब शांतो से भारत और श्रीलंका में फ़रवरी-मार्च में होने वाले टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर चल रहे विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "हम किसी भी विश्व कप में अच्छा नतीजा नहीं ला पाए हैं। पिछली बार (टी20 विश्व कप 2024 में) हमारे पास अच्छा मौक़ा था, लेकिन हम नहीं भुना पाए। लेकिन आप देखेंगे कि हर विश्व कप से पहले कोई न कोई घटना जरूर होती है।

उन्होंने कहा, "एक खिलाड़ी के तौर पर इसका असर हम पर पड़ता है। लेकिन हम ऐसे दिखाते हैं कि जैसे हमें ये सब चीज़ें प्रभावित नहीं कर रहीं, क्योंकि हम प्रोफ़ेशनल क्रिकेटर हैं। आप भी जानते हैं कि इसका असर होता है। यह आसान नहीं है। बेहतर होता कि ऐसी चीज़ें न हों। मुझे लगता है कि खिलाड़ी फिर भी कोशिश करते हैं कि सब चीज़ें एक तरफ रखकर अच्छा प्रदर्शन करें।"शांतो ने कहा, "मैं यह भी कहूंगा कि ये चीज़ें हमारे नियंत्रण में नहीं है। आख़िरकार हम जहां भी विश्व कप खेलें, मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को ऐसा दिखाना होगा, जैसे उन्हें कुछ भी परेशान नहीं कर रहा और वे टीम के लिए अच्छा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।"टी20 विश्व कप की पहली गेंद फेंके जाने में लगभग एक महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन बंगलादेश की भागीदारी पर अंतिम फ़ैसला अभी नहीं लिया गया है।

यह विवाद तब भड़का, जब बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से मुस्तफ़िज़ुर रहमान को आईपीएल 2026 की टीम से हटाने को कहा। बीसीसीआई ने स्पष्ट रूप से सुरक्षा कारणों का ज़िक्र नहीं किया, लेकिन देश के धार्मिक और राजनीतिक नेताओं ने बांग्लादेश और भारत के बीच राजनीतिक तनाव के समय मुस्तफ़िज़ुर को खरीदने को लेकर केकेआर के मालिक शाहरुख ख़ान की आलोचना की थी।

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