कोलकाता , जनवरी 05 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया बिना किसी उचित तैयारी के की जा रही है, जिससे जनता को बड़े पैमाने पर परेशानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
सुश्री बनर्जी की यह आलोचना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे उनके उस पत्र के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने इस अभ्यास के संचालन में गंभीर खामियों का आरोप लगाया था और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि तृणमूल कांग्रेस एसआईआर के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा, "हम कानून की मदद ले रहे हैं। कल अदालत खुलेगी और हम अदालत जाएंगे। यदि आवश्यक हुआ, तो मैं उच्चतम न्यायालय जाने की अनुमति भी मांगूंगी और जनता की ओर से पक्ष रखूंगी।"सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस संशोधन प्रक्रिया ने मतदाताओं के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है और दावा किया कि इस प्रक्रिया से जुड़ी घबराहट के कारण कई लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की मौत तो तब हुई जब वे संशोधन से जुड़ी सुनवाई के लिए कतारों में खड़े थे।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह सुनवाई के नाम पर बुजुर्गों और बीमारों सहित आम नागरिकों को अनावश्यक कष्ट दे रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची से नाम मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि लगभग 54 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जबकि मतदाताओं के पास फॉर्म सात और आठ जमा करने का अधिकार था।
सुश्री बनर्जी ने अधिकारियों पर नाम हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और दावा किया कि यह प्रक्रिया व्हाट्सएप के जरिए चलाई जा रही है, जो नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा है।
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