बेंगलुरु , दिसंबर 06 -- आर वी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट सर्जन डॉ एच वी शिवराम ने इस बात पर बल दिया कि भारत को भगवद्गीता की समझ से अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों की ओर लौटना होगा, ताकि एक स्वस्थ पीढ़ी तैयार की जा सके।

डॉ. शिवराम ने कहा, " स्वस्थ जिंदगी हमारी संस्कृति और शास्त्रों में गहराई से बसी हुई है।" उन्होंने कहा, " गीता सात्विक भोजन के फायदों के बारे में बताती है, जो शरीर और मन दोनों को पोषण एवं ताकत देता है। इन परंपराओं को अपनाने से बच्चों में मोटापा और दीर्घकालिक बीमारियों को रोकने में मदद मिल सकती है। "यह टिप्पणी हैपिएस्ट हेल्थ के फ्लैगशिप 'गेट सेट, ग्रो! चिल्ड्रन्स वेलनेस समिट' के तीसरे सीजन के दौरान की गयी। समिट का आयोजन सेंट जॉन्स ऑडिटोरियम, कोरमंगला, बेंगलुरु में किया गया।

समिट में पांच से 14 साल के बच्चों और उनके माता-पिता को ध्यान में रखकर परिचयात्मक गतिविधि, कहानी पाठ, आर्ट वर्कशॉप और फैमिली गेम्स बनाये गये, जिन्हें जागरुकता, सृजनशीलता और पूरी तरह से सेहतमंद रहने को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया था।

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