हमीरपुर , जनवरी 1 -- उत्तर प्रदेश में एक साल से आयुर्वेद अस्पतालो में दवाएं न होने के मामले में आयुर्वेद विभाग के अपर निदेशक नारायणदास ने गुरुवार को देर शाम बताया कि दवा आपूर्ति के टेंडर शासन स्तर पर नही हो पा रहे है,जब कि यह टेंडर जुलाई व अगस्त में हो जाना चाहिये था। पूरी उम्मीद है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में दवाओ की आपूर्ति हर हाल में हो जायेगी।
जिला आयुर्वेद युनानी अधिकारी एबी सिंह ने बताया कि जिले में ही नही बल्कि पूरे प्रदेश में मरीजो का आयुर्वेद के प्रति रुझान बढता जा रहा है। साइड इफेक्ट न होने के कारण लोग एलोपैथिक से आयुर्वेद पद्धति की ओर रुचि बढती जा रही है। मगर अस्पतालो में दवाओ का टोटा एक साल से होने के कारण गरीब मरीज तो मजबूर होकर एलोपैथिक की ओर रुझान करता जा रहा है मगर कुछ लोग मेडिकल स्टोर से मंहगी दवाएं लेकर अपना इलाज कराने के लिये मजबूर है। जिले में करीब बाइस आयुर्वेद अस्पताल है।
अपर निदेशक लखनऊ नारायणदास ने फोन पर बताया कि हर जिले में कच्ची औषधियों की सप्लाई कर दी गयी है मगर ज्यादा मात्रा में दवाएं जेम पोर्टल व ई टेंडरिग से खरीदी जाती है। कुछ तकनीकी समस्या के कारण खरीदारी रुकी हुई है मगर यह समस्या काफी मात्रा मे हल कर ली गयी है। उन्होने कहा कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में दवाओं का अभाव समाप्त हो जायेगा इसके लिये बराबर उच्चाधिकारियों की बैठके की जा रही है।
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