हमीरपुर , मार्च 20 -- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में इन दिनों आवारा कुत्तों का खौफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। बीते तीन दिनों में हमीरपुर और सुजानपुर टीरा क्षेत्रों में एक स्कूली बच्ची समेत कुल 10 लोगों को आवार कुत्तों ने काट लिया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
नगर निगम के वार्ड नंबर 5 में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक नौ वर्षीय स्कूली बच्ची पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्ची स्कूल जा रही थी, तभी कुत्ते ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे बचाया गया।
इसी तरह सुजानपुर बाजार में एक आवारा कुत्ते ने तीन दिनों के भीतर नौ लोगों को अपना शिकार बनाया। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। नगर परिषद की टीम अब तक उस कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।
बताया गया कि इस कुत्ते ने मुख्य बाजार के ऐतिहासिक चौगान मैदान में तीन, वार्ड नंबर 3 में चार और वार्ड नंबर 1 में दो लोगों को काटा। सभी घायलों को सुजानपुर अस्पताल में एंटी-रेबीज टीके लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि करीब पांच महीने पहले भी इसी तरह की घटना में एक आवारा कुत्ते ने महज एक घंटे में 28 लोगों को काटा था। इसके बाद नगर परिषद ने टीकाकरण अभियान शुरू किया लेकिन वैक्सीन की कमी के चलते यह अभियान एक सप्ताह में ही बंद हो गया।
इसके अलावा, पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए भी अभियान चलाया गया, लेकिन नौ वार्डों में केवल पांच कुत्तों का ही पंजीकरण हो पाया है।
इस समस्या से परेशान वार्ड नंबर 5 के ब्रिज नगर के निवासियों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में है।
हमीरपुर के निवासियों ने केल हुई उस घटना को प्रमुखता से उठाया, जिसमें एक आवारा कुत्ते ने स्कूल जा रही एक बच्ची पर हमला कर दिया था। स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को बचाया गया। 'शुभ प्रभात हेल्थ क्लब हमीरपुर' के अध्यक्ष आर.एल. भारद्वाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश बजाज और अन्य सदस्यों ने बताया कि वार्ड में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि इन कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, उन्हें किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस बढ़ती समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
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