, Dec. 7 -- टोक्यो, 07 दिसंबर (वार्ता/स्पूतनिक) चीनी जे-15 लड़ाकू विमानों के दो बार जापान की वायु-रक्षा प्रणाली को निशाना बनाने के बाद चीन और जापान के बीच जारी तनाव गहरा गया । जापान के रक्षा मंत्री शिनजिरो कोइज़ुमी ने रविवार तड़के यह दावा किया।
श्री कोइज़ुमी ने यहां एक आपातकालीन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने वाले एक चीनी जे-15 लड़ाकू विमान ने शनिवार दोपहर और शाम को ओकिनावा द्वीप के दक्षिण-पूर्व में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वायु रक्षा-प्रणाली के एफ-15 लड़ाकू विमानों पर दो बार 'रडार से निशाना' साधा।
मंत्रालय के अनुसार, पहली घटना स्थानीय समय के अनुसार शाम 4:32 और 4:35 बजे के बीच दर्ज की गयी, जब एयरक्राफ्ट कैरियर लियाओनिंग से उड़ान भरने वाले एक चीनी जे-15 ने जापानी एफ-15 को निशाना बनाया। यह जापानी लड़ाकू विमान चीन के जे-15 को अपने एयरस्पेस में घुसने से रोकने की कोशिश कर रहा था। दूसरी घटना शाम 6:37 और 7:08 बजे के बीच दर्ज की गयी। यह देखा गया कि जे-15 ने उसी इलाके में अपने रडार से बार-बार एक दूसरे जापानी एफ-15 को निशाना बनाया।
मंत्रालय ने कहा, "विमान या आत्म-रक्षा दल के जवानों को कोई नुकसान नहीं हुआ।" उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य खतरनाक हैं और सुरक्षित उड़ान के लिये ज़रूरी सीमाओं से बाहर है।उन्होंने कहा, "हमें इस बात का बहुत दुख है कि ऐसी घटना हुई। हमने चीनी पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और उनसे आग्रह किया है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।"उल्लेखनीय है कि जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने एक हालिया बयान में कहा कि ताइवान पर किसी भी तरह का चीनी हमला उस देश के लिये "अस्तित्व को धमकी जैसी स्थिति" पैदा करेगा, जिससे जापान को जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उनके इसी बयान के बाद से चीन-जापान के बीच तनाव बढ़ गया है। उनके बयानों पर चीन के साथ-साथ जापान में विपक्षी पार्टियों ने भी नाराज़गी जतायी। इसके जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय ने जापानी राजदूत केंजी कानासुगी को तलब किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित