श्रीगंगानगर , दिसम्बर 15 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की ई-मेल धमकी ने सोमवार को सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह मिली इस अज्ञात धमकी ने न केवल कलेक्ट्रेट को खाली करवाया, बल्कि लगते हुए न्यायालय परिसर को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस और अन्य एजेंसियां दोनों जगहों पर गहन तलाश अभियान चला रही हैं, जबकि साइबर दल उस शख्स की तलाश में जुटा है,जिसने यह धमकी भेजी है।
सूत्रों ने बताया कि सुबह जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के निजी सहायक पवन कुमार को एक संदिग्ध ई-मेल प्राप्त हुआ। ईमेल में साफ-साफ लिखा था कि कलेक्ट्रेट को बम से उड़ा दिया जाएगा। पवन कुमार ने तुरंत इसकी जानकारी डा यादव को को दी, जिसके बाद प्रशासन ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी। कलेक्टर ने भवन खाली कराने के आदेश दिए और सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया। पुलिस को सूचित करते ही पूरा इलाका सुरक्षा कवच में आ गया।
धमकी की गंभीरता को देखते हुए अब कलेक्ट्रेट के साथ-साथ आसपास के न्यायालय परिसर को भी खाली करवा लिया गया है। दोनों परिसरों में आम जनता और स्टाफ का प्रवेश रोक दिया गया है। बम निरोधक दस्ता, पुलिस दल और अन्य सुरक्षा बल हर इंच की जांच कर रहे हैं। अतिरक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदीलाल मीणा, उप खंड अधिकारी मांगीलाल सुथार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जा रही।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह ईमेल एक अनजान आईडी से आया है। साइबर प्रकोष्ठ इसकी तलाश में जुटा है। ईमेल का स्रोत, इस्तेमाल किया गया सर्वर और पीछे का मास्टरमाइंड कौन हो सकता है, सबकी जांच हो रही है। प्रशासन का मानना है कि यह महज शरारत हो या कोई बड़ी साजिश, जांच पूरी होने पर ही पता चलेगा।
हाल के समय में देशभर में सरकारी भवनों और अदालतों को ऐसी धमकियां मिलने के मामले बढ़े हैं, कुछ दिन पहले जयपुर में उच्च न्यायालय को मिली थी। इसी वजह से हनुमानगढ़ की घटना को अतिरिक्त सावधानी से निपटा जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि जब तक पूरी जांच खत्म नहीं होती और परिसर सुरक्षित घोषित नहीं किए जाते, तब तक किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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