हजारीबाग , जनवरी 08 -- झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उरीमारी थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना का सफल उद्भेदन करते हुए कुख्यात राहुल दुबे गैंग के 10 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को उरीमारी ओ.पी. क्षेत्र के अंतर्गत दसाई मांझी के घर पर अपराधियों ने फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। इस मामले में बड़कागांव (उरीमारी) थाना में कांड संख्या 286/25 दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था।

07 जनवरी 2026 की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राहुल दुबे गैंग के सदस्य बघैया फुटबॉल मैदान के पास किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की और मौके से 10 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अंजनी अंजन ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी इसकी जानकारी दी।

वहीं गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिव राज उर्फ शिवा (20), प्रीत कुमार उर्फ पवन कुमार, पियूष कुमार सिंह (19), प्रेम कुमार, बादल, बिक्रम कुमार राम (24), मोहित सिंह, राजू कुमार (19), विशाल कुमार (28) और मनोज कुमार (40) के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से पांच देशी पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस और छह मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस का मानना है कि ये हथियार हाल के दिनों में हुई फायरिंग की घटनाओं में इस्तेमाल किए गए थे।

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह झारखंड के विभिन्न जिलों में रंगदारी, लेवी और वर्चस्व कायम करने के लिए फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तार अपराधियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पूर्व में भुरकुंडा थाना क्षेत्र के पोड़ागेट में गोलीबारी की थी। इसके अलावा 24 दिसंबर 2025 को भी एक नेता की गाड़ी समझकर गलतफहमी में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। इस गिरोह का मुख्य सरगना राहुल दुबे है, जो फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

इस सफल अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद, पुलिस निरीक्षक ललित कुमार, थाना प्रभारी (गिद्दी) राणा भानु प्रताप सिंह, उरीमारी प्रभारी रथु उरांव, बड़कागांव थाना प्रभारी कृष्ण कुमार गुप्ता समेत तकनीकी और नक्सल शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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