नयी दिल्ली , फरवरी 16 -- केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित टेली-रोबोटिक्स स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति लाएगा और दूरदराज क्षेत्रों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ सिंह ने देशी टेली-रोबोटिक अल्ट्रासोनोग्राफी प्रणाली के सफल सजीव प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में यह बात कही। इस कार्यक्रम में एम्स नयी दिल्ली को अंटार्कटिका स्थित 'मैत्री रिसर्च स्टेशन' से जोड़ा गया, जहां दिल्ली में बैठे डॉक्टर ने 12 हजार किलोमीटर दूर मौजूद स्वयंसेवक का रीयल-टाइम अल्ट्रासाउंड परीक्षण किया। यह प्रणाली एम्स नयी दिल्ली और आईआईटी दिल्ली ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र के सहयोग से विकसित की है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नवाचार एआई, रोबोटिक्स और रीयल-टाइम चिकित्सा विशेषज्ञता के संगम का उदाहरण है, जो भौगोलिक सीमाओं को समाप्त कर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से अत्यंत दूरस्थ और कठिन परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए उपयोगी है, जहां मरीज को तुरंत स्थानांतरित करना महंगा और जटिल होता है। अंटार्कटिका जैसे स्थानों पर यह तय करने में मदद मिलेगी कि मरीज का स्थानीय स्तर पर इलाज संभव है या उसे एयरलिफ्ट करने की आवश्यकता है। भविष्य में इसे सीमावर्ती क्षेत्रों, आपदा प्रभावित इलाकों, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में भी उपयोग किया जा सकेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित