नयी दिल्ली , नवम्बर 08 -- राज्यसभा ने विपक्ष के संशोधनों को खारिज करते हुए पान मसाला पर उपकर लगाने के प्रावधान वाले 'स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025' को सोमवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही इस पर संसद की मुहर लग गयी। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास और वी शिवादासन ने विधेयक के कुछ प्रावधानों में संशोधन के लिए संशोधन के प्रस्ताव दिये थे लेकिन सदन ने इन्हें ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। द्रमुक के तिरूचि शिवा का संशोधन समय बीते जाने पर दिया गया था इसलिए आसन ने नियमों को हवाला देते हुए इसे स्वीकार नहीं किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा चर्चा का जवाब दिये जाने के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
श्रीमती सीतारमण ने विधेयक पर तीन घंटे से भी अधिक समय तक हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक में पान मसाला पर उपकर लगाने का प्रस्ताव है और इससे एकत्र की गई राशि का इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खर्च के लिए किया जाएगा।
सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गये ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सेनाओं के आधुनिकीकरण और उन्हें अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस करने तथा देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए धन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाने और प्रतिष्ठानों को अभेद्य कवच प्रणाली प्रदान करने के लिए स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में सुदर्शन चक्र का जिक्र किया था। इस सुरक्षा व्यवस्था पर अमल के लिए पैसे की आवश्यकता है।
श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वैसे तो स्वास्थ्य राज्य का विषय है लेकिन एक विशेष परिस्थिति में इसे रक्षा जो केन्द्र का विषय है उसके साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि उपकर लगाने से मिलने वाले पैसे से देश भर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान की जायेगी और उसे विशेष संकट की स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जायेगा।
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