भुवनेश्वर , जनवरी 08 -- ओडिशा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (ओमसा) ने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के साथ बातचीत के बाद बाहरी मरीज़ विभाग (ओपीडी) सेवाओं के दो घंटे के दैनिक बंद सहित अपने प्रदेशव्यापी आंदोलन को वापस ले लिया।
ओडिशा भर के सरकारी डॉक्टरों ने पहले दस-सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए एक घंटे के ओपीडी बंद का सहारा लिया था, जिसे बाद में दो घंटे तक बढ़ा दिया गया था। इन मांगों में कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति, पोस्टमार्टम भत्ता, विशेषज्ञों और अति-विशेषज्ञों के लिए उच्च प्रोत्साहन, केबीके और केबीके-प्लस क्षेत्रों में सेवारत डॉक्टरों के लिए एक निकास नीति और दंत चिकित्सकों के लिए वेतन वृद्धि शामिल हैं।
इस बीच राज्य सरकार द्वारा आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) लागू करने के बावजूद आंदोलन जारी रहा। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद ओमसा ने हड़ताल खत्म करने और शुक्रवार से ओपीडी सेवाएं फिर से शुरू करने का फैसला किया।
स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि ओमसा के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की मांगों की जांच के लिये सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है। समिति से मुद्दों का विस्तार से अध्ययन करने और राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
श्री महालिंग ने आश्वासन दिया कि सरकार समिति की सिफारिशों को लागू करेगी, जिसके बाद ओमसा ने आंदोलन वापस ले लिया। हड़ताल खत्म होने के साथ ओडिशा भर के सरकारी अस्पतालों में पिछले कई दिनों से बाधित स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है।
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