रांची , फरवरी 05 -- झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ एक आपात एवं महत्वपूर्ण बैठक की।
इस बैठक में हज 2026 पर जाने वाले हज यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग एवं वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। डॉ. अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार हज पर जाने वाले तमाम हाजियों को बेहतर, सुचारु एवं सम्मानजनक सहूलियतें देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हज यात्रियों को किसी भी स्तर पर किसी प्रकार की परेशानी, अव्यवस्था या दिक्कत का सामना न करना पड़े।
हज 2026 के अंतर्गत झारखंड से लगभग 1670 हज यात्री प्रस्तावित हैं। निर्धारित समय-सारणी को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया गया कि 07 फरवरी 2026 तक सभी हज यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाए, ताकि 08 फरवरी 2026 से वैक्सीनेशन प्रक्रिया सुचारु रूप से प्रारंभ हो सके।
मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान सभी आवश्यक स्वास्थ्य जाँच की जाएगी, जिसके उपरांत ही वैक्सीनेशन एवं आगे की वीज़ा प्रक्रिया संभव होगी। इस पूरी प्रक्रिया के समयबद्ध एवं संवेदनशील होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल (समन्वय) सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।
बैठक में सभी जिलों में सिविल सर्जनों की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए। स्पष्ट एवं एकरूप गाइडलाइन जारी की जाए ताकि हज यात्रियों को कोई असुविधा न हो। प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी नामित किए जाएँ जो स्क्रीनिंग एवं वैक्सीनेशन प्रक्रिया को संचालित करें। स्वास्थ्य जाँच के दौरान हज यात्रियों को प्राथमिकता, सहयोग एवं सम्मानजनक व्यवस्था प्रदान की जाए जैसे निम्नलिखित निर्देश दिए गए।
डॉ. अंसारी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हज कमेटियों के संसाधनों में कटौती से हाजियों में गहरा आक्रोश है, लेकिन राज्य सरकार पूरी तरह सक्षम है और हाजियों को हर सहूलियत, एहतराम और इज़्ज़त के साथ रवाना करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा - हक़ छीना जा सकता है, मगर जज़्बा, हिम्मत, साहस, प्यार और मोहब्बत को नहीं कुचला जा सकता।
उन्होंने रांची से इमिग्रेशन प्वाइंट हटाकर कोलकाता स्थानांतरित किए जाने पर चिंता जताते हुए बताया कि इस संबंध में हज कमेटी ऑफ इंडिया से गुफ़्तगू हो चुकी है और जल्द ही मुंबई जाकर इस मसले पर ठोस पहल की जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से हज यात्रियों की तमाम मेडिकल जाँच मुफ़्त कराई जाएगी तथा आवश्यक खर्च राज्य स्तर पर वहन किया जाएगा। रवाना होने से पहले वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जाएगा, जो पूरी तरह निशुल्क होगा। सिविल सर्जनों को सख्त हिदायत दी गई कि हाजियों के साथ पूरी शालीनता और एहतराम के साथ व्यवहार सुनिश्चित करें - किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अंसारी ने कहा कि जिस तरह देवघर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की खिदमत के लिए विशेष इंतज़ाम किए जाते हैं, उसी तर्ज पर हज यात्रियों को भी मुकम्मल स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। इस अवसर पर राज्य हज हाउस को और बेहतर एवं आधुनिक बनाने हेतु विशेष राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी, ताकि यह हमारी शान और खिदमत की पहचान बना रहे।
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