रांची , मार्च 24 -- झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वर्ष 2029 तक झारखंड को टीबी मुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि "हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से समाप्त करना है।"राज्य राष्ट्रीय यक्ष्मा दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शामिल हुए और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मेडिकल ऑफिसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
मंत्री डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 1200 डॉक्टरों की जल्द बहाली, 7500 एएनएम एवं जीएनएम कर्मियों की नियुक्ति, 1200 नए सब-सेंटर का निर्माण, जिसके लिए लगभग 10,000 मैनपावर की बहाली, सभी मेडिकल कॉलेजों एवं सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन एवं एमआरआई सुविधा अप्रैल तक उपलब्ध, 700 एमबीबीएस एवं पीजी सीटों में वृद्धि, ताकि राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़े, ब्रांबे में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना अंतिम चरण में, कुलपति की नियुक्ति पूर्ण, डॉक्टरों का बढ़ता विश्वास, झारखंड बन रहा मेडिकल हब बनाने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य नीतियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण अब बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से भी डॉक्टर यहां सेवा देने के लिए आ रहे हैं। "डॉक्टरों को अब भरोसा है कि राज्य का नेतृत्व एक डॉक्टर के हाथों में है, जो उनकी पीड़ा और जिम्मेदारियों को समझता है।"टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीबी चैंपियंस, सहियाओं एवं एनजीओ को सम्मानित किया गया। टीबी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगा राज्य में 100 दिवसीय टीबी जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बड़ा कदम साबित होगा।
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि खून की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए जल्द ही टोल-फ्री ब्लड सपोर्ट सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में 9.5 लाख लोगों की टीबी जांच की गई, वर्ष 2026 में 12 लाख जांच का लक्ष्य निर्धारित, नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी रही, डॉक्टरों को स्वेच्छा से स्थान चयन की सुविधा, इसलिए बाद में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
अपने संबोधन में डॉ. अंसारी ने नव-नियुक्त डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सेवा का संकल्प है। आप सभी झारखंड के स्वास्थ्य भविष्य की नींव हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने मिलकर झारखंड को टीबी मुक्त और स्वास्थ्य सशक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया।
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