वाराणसी , अप्रैल 08 -- राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के साथ अकादमिक उत्कृष्टता को जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) ने भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग एवं दूरसंचार संस्थान (आईआरआईएसईटी), सिकंदराबाद के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग तथा स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' के क्षेत्र में शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। इस एमओयू पर आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा तथा आईआरआईएसईटी के महानिदेशक शरद कुमार श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर आईआईटी (बीएचयू) के डीन (आर एंड डी) प्रो. राजेश कुमार, प्रो. आभा मिश्रा, प्रो. प्रदीप पाइक, प्रो. कल्पना चौधरी, आईआरआईएसईटी के संकाय सदस्य टी. सुरेंद्र बाबू एवं ए. वी. गिरी उपस्थित रहे।

यह रणनीतिक साझेदारी उन्नत रेलवे सिग्नलिंग प्रणालियों में अनुसंधान, नवाचार तथा क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है, जिसमें विशेष रूप से स्वदेशी 'कवच' प्रणाली पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 'कवच' भारत की अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है, जिसे परिचालन सुरक्षा बढ़ाने और ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विकसित किया गया है।

इस अवसर पर प्रो. पात्रा ने कहा कि यह सहयोग अकादमिक अनुसंधान को वास्तविक रेलवे अनुप्रयोगों से जोड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा, जिससे बुद्धिमान, विश्वसनीय एवं विस्तार योग्य सुरक्षा समाधान विकसित किए जा सकेंगे। आईआरआईएसईटी के महानिदेशक शरद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहल 'कवच' तकनीक के व्यापक उपयोग, अनुकूलन एवं विस्तार को गति प्रदान करेगी तथा रेलवे कार्यबल की तकनीकी दक्षता को भी सुदृढ़ करेगी।

एमओयू के अंतर्गत आईआईटी (बीएचयू) रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग एवं 'कवच' पर अल्पकालिक पाठ्यक्रम, कार्यशालाएं और सम्मेलन आयोजित करेगा तथा विभिन्न अभियंत्रण विषयों के विद्यार्थियों के लिए इन विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करेगा। इसके अलावा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को रेलवे सिग्नलिंग एवं एटीपी-'कवच' से संबंधित छह माह की इंटर्नशिप परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनका मार्गदर्शन आईआईटी (बीएचयू) तथा आईआरआईएसईटी के संकाय सदस्य संयुक्त रूप से करेंगे। यह पहल संस्थान के नए पाठ्यक्रम में शामिल छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप व्यवस्था के अनुरूप है, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

इस साझेदारी के तहत आईआरआईएसईटी, आईआईटी (बीएचयू) के संकाय सदस्यों के लिए संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) तथा औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। दोनों संस्थान मिलकर रेलवे सिग्नलिंग एवं दूरसंचार, विशेष रूप से एटीपी-'कवच' से संबंधित विषयों पर शैक्षणिक सामग्री भी विकसित करेंगे।

यह सहयोग देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करने तथा परिवहन क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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