पटना, जनवरी 24 -- देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में पटना नगर निगम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

पटना नगर निगम ने डेस्कटॉप असेसमेंट में फाइव स्टार रेटिंग के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब अगला चरण फील्ड असेसमेंट का होगा, जिसके लिए केंद्र सरकार की टीम पटना का दौरा करेगी।

गौरतलब है कि डेस्कटॉप असेसमेंट नगर निगम द्वारा स्वयं किए गए कार्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर होता है। इसके बाद फील्ड में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति के आधार पर रैंकिंग दी जाती है। वर्ष 2024-25 में पटना को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 21वां स्थान मिला था, वहीं गार्बेज फ्री सिटी में तीन स्टार की रेटिंग प्राप्त हुई थी। पिछले साल करीब 650 कचरा पॉइंट को समाप्त कर यह उपलब्धि हासिल की गई थी। इस वर्ष इन प्रयासों को और बेहतर किया गया है।

स्वच्छता सर्वेक्षण और शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर सभी अंचलों में व्यापक सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। नालों और बैकलेन की सफाई कराई जा रही है। कचरा पॉइंट को खत्म किया जा रहा है और अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे घूमने योग्य स्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन घर-घर कचरा उठाव का निर्देश दिया गया है।

कचरा वाहनों की ब्रांडिंग की गई है और गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में एकत्र किया जा रहा है। पिछले सर्वेक्षण में इस बिंदु पर अंक कटे थे, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष तैयारी की गई है।

लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए हर वार्ड में नगर मित्र के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही ब्रांड एंबेसडर भी स्वच्छता संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। दीवारों पर पेंटिंग, सड़कों की सफाई, डिवाइडर का रंग-रोगन और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।

फील्ड असेसमेंट के दौरान रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष अंक कटते हैं। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने सख्ती बढ़ाई है। खुले में शौच करने, गंदगी फैलाने और पान-तंबाकू थूकने वालों पर 500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों को 'नगर शत्रु' की श्रेणी में रखा गया है। आईसीसीसी और निगम की टीमें प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं।

पटना नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर चौक-चौराहों और टी-पॉइंट पर वेंडिंग जोन और नो पार्किंग जोन घोषित किए जा रहे हैं, जिससे शहर की सुंदरता बनी रहे। इसके साथ ही सभी घरों से निकलने वाले गंदे पानी को एसटीपी तक पहुंचाकर शुद्ध किया जा रहा है। शुद्ध जल का उपयोग फॉगिंग वाहनों में किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण स्तर में भी सुधार देखने को मिल रहा है।

गौरतलब है कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी टूलकिट के अनुसार इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम 'स्वच्छता की नई पहल-बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ' रखी गई है। कुल 12,500 अंकों के आधार पर रैंकिंग तय होगी। केंद्र की टीम फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह या मार्च 2026 में पटना में फील्ड असेसमेंट के लिए आ सकती है।

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