भोपाल , जनवरी 09 -- भोपाल में जिंसी के स्लॉटर हाउस को लेकर हो रहे विवाद को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। माकपा का आरोप है कि यह हंगामा इंदौर में दूषित पानी से हुई 20 मौतों से ध्यान हटाने और जमीन कब्जा करने के लिए किया जा रहा है।

माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि स्लॉटर हाउस के आधुनिकीकरण पर नगर निगम ने हाल ही में 35 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। नियमानुसार, किसी जानवर के काटे जाने से पहले वेटरनरी डॉक्टर उसकी स्वास्थ्य जांच करता है और नगर निगम अधिकारी उसकी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करता है। अगर ये प्रक्रियाएं पूरी हो रही हैं, तो सवाल उठता है कि गौवंशी जानवर स्लॉटर हाउस में कैसे काटे जा सकते हैं।

जसविंदर सिंह ने यह भी कहा कि यदि आरोप सही हैं, तो स्लॉटर हाउस में गायों के सींग, खाल, पूंछ जैसे अन्य अवशेष भी मिलने चाहिए। पुलिस और नगर निगम प्रशासन इस संबंध में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं हैं, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि यह साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण और इंदौर की घटनाओं से ध्यान हटाने की साजिश हो सकती है।

माकपा नेता ने बताया कि इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों के बाद भोपाल में भी पांच पानी के सैंपल दूषित पाए गए। 2024 की सीएजी रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के 5.33 लाख लोग दूषित पानी की वजह से बीमारियों से प्रभावित हैं।

जसविंदर सिंह ने कहा कि इंदौर में गैर-संवैधानिक और गैर-पंजीकृत संगठन आरएसएस के कार्यालय में कलेक्टर की पेशी को इस घटना से जोड़ा जा रहा है, जिससे भाजपा सरकार की जिम्मेदारी से ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है। माकपा ने प्रशासन से मांग की है कि सभी पहलुओं की जांच संवेदनशीलता के साथ की जाए, ताकि साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिशें नाकाम हों।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित