मुंबई , मार्च 21 -- पूर्व केंद्रीय मंत्री और अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की फाउंडर और चेयरपर्सन स्मृति ईरानी ने वी लीड लाउंज में, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम वीक, दावोस 2026 में हिस्सा लेकर भारत की बढ़ती लीडरशिप को शामिल, समानता और सोशल इम्पैक्ट के मुद्दों पर मजबूती से पेश किया है।
स्मृति ईरानी ने अपने अलायंस के तीन साल पूरे होने का जश्न भी मनाया, जिसमें ग्लोबल कमिटमेंट्स को निचले स्तर पर असरदार रूप में बदला गया हैस्मृति ईरानी ने दावोस के पहले दिन, ग्लोबल लीडर्स, पॉलिसीमेकर और चेंजमेकर के साथ गहराई से बातचीत की। उन्होंने "स्ट्रैटेजिक लीडरशिप इन द बायो-रिवॉल्यूशन: वीमेन पॉवरिंग इनोवेशन एंड ग्लोबल सॉल्यूशंस" सत्र में कहा कि ग्लोबल बायो-रिवॉल्यूशन हमेशा एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी और बराबरी की भागीदारी पर ही आधारित होना चाहिए। सबसे बड़ी बात रही जब उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनके अलायंस के विज़न की तारीफ की और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने का न्योता भी दिया। इस प्रपोज्ड पार्टनरशिप का लक्ष्य करीब पांच लाख महिलाओं को सशक्त बनाना है, महिलाओं के नेतृत्व वाले एंटरप्राइजेज और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को मजबूत करके, ग्लोबल कमिटमेंट्स को ग्रासरूट लेवल पर असरदार काम में बदलना है। इस बातचीत ने यह बात दोबारा साबित की कि महिलाओं के एंटरप्रेन्योरशिप, स्किलिंग और इनोवेशन में लॉन्ग-टर्म निवेश करना टिकाऊ और शामिल विकास के लिए बहुत जरूरी है।
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