बिलासपुर , मार्च 11 -- छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र स्थित नोवा स्पंज आयरन प्लांट में मंगलवार देर रात फर्नेस सेक्शन में पिघला हुआ लोहा अचानक गिरने से वहां काम कर रहे चार कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए।

जानकारी के अनुसार देर रात करीब एक बजे पाली परिवर्तन के बाद कर्मचारी फर्नेस सेक्शन में काम कर रहे थे। इसी दौरान पिघले हुए आयरन को लैडल में डालते समय अचानक तेज उबाल के साथ गर्म धातु बाहर फैल गई, जिसकी चपेट में चार मजदूर आ गए। झुलसे कर्मचारियों में बिल्हा क्षेत्र के भैंसबोड़ गांव निवासी नरेंद्र कोसले और चंद्रहास के अलावा बिहार के धर्मवीर व विनय कुमार शामिल हैं।

घटना के तुरंत बाद मौजूद कर्मचारियों ने घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहन से शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल लगभग 25 से 40 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घटना में घायल विनय कुमार का कहना है कि काम के दौरान लैडल का रिंग टूटने से खौलता हुआ लोहा अचानक बाहर उछल पड़ा, जिससे वे और उनके साथी उसकी चपेट में आ गए।

वहीं, घायलों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फर्नेस जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम करने के बावजूद कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण जैसे सुरक्षा जैकेट, चश्मा और अन्य जरूरी सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं कराए जाते।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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