तिरुवनंतपुरम , जनवरी 21 -- केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने बुधवार को कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों पर उनकी टिप्पणी को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है।

श्री चेरियन ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने हमेशा धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ अपना सार्वजनिक जीवन जिया है। उनकी नियत पर सवाल उठाने वाले हालिया अभियान से उन्हें ठेस पहुंची है और इसके जरिए धर्मनिरपेक्षता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को कम आंका गया है। उन्होंने अपना सारा जीवन इस मान्यता के साथ जिया है कि सभी इंसान एक बराबर हैं, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से आते हों और हमेशा इसी सोच के साथ काम किया है।

श्री चेरियन ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ता के तौर पर अपने चार दशक के जीवन का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ही अल्पसंख्यकों पर हमलों का विरोध किया है और कभी भी सांप्रदायिक विचारधारा के साथ समझौता नहीं किया। उनके इसी मत की वजह से उन्हें कई बार मुश्किल और कड़वे अनुभवों का सामना करना पड़ा है जो उनके करीबी लोग जानते भी हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों, धार्मिक संगठनों और सम्मानित धर्मगुरुओं का उनके बयान को गलत समझना अफसोसनाक और दुखदायी है। उन्होंने बिना शर्त पछतावा ज़ाहिर करते हुए कहा कि अगर उनके बयान से किसी को ठेंस पहुंची हो या दुख हुआ हो या फिर उनकी मंशा पर सवाल उठे हों, तो वह माफी चाहते हैं। ऐसा कहते हुए उन्होंने अपनी टिप्पणी वापस लेने का ऐलान किया।

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