जयपुर , जनवरी 01 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला आधारित स्थानीय उत्पाद को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का मूल आधार बताते हुए कहा है कि इसी दिशा में राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।
श्री शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार करके विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की जाये, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।
श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र बनाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोडने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के तहत पर्यटन स्थलों पर सड़क एवं पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाए ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के तहत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है।
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