चेन्नई , अप्रैल 06 -- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए आ रहे भाजपा शासित राज्यों के केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों से तीन अहम सवाल पूछते हुए मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सोमवार को घोषणा की कि दिल्ली से चाहे कितने भी लोग तमिलनाडु को बांटने की कोशिश करें, तमिलनाडु झुकेगा नहीं।

श्री स्टालिन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस सवाल का जवाब मांगा कि क्या वे तमिलनाडु की धरती पर खड़े होकर यह कहते हुए प्रचार करने के लिए तैयार हैं कि "हम तीन-भाषा नीति को लागू करेंगे" (जिसे द्रमुक राज्य में हिंदी थोपने के लिए भाजपा की चाल बता रही है)।

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वे खुले तौर पर यह बताने को तैयार हैं कि वित्तीय आवंटन में तमिलनाडु को कितनी राशि दी जा रही है और भाजपा शासित राज्यों को कितनी राशि दी जा रही है?उनसे पूछा गया तीसरा प्रश्न यह है कि क्या वे एफसीआरए संशोधन विधेयक को पूरी तरह से वापस लेंगे, जो ईसाई धर्मार्थ संस्थानों का अपमान है, या क्या वे इसे अगले सप्ताह पारित करेंगे?श्री स्टालिन ने पूछा कि क्या राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे अन्न्राद्रमुक एडप्पाडी के पलानीस्वामी अपने दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों से इन सभी सवालों के जवाब दिलवाते हैं और यह जानना चाहा कि वे कब अभद्र निंदा करना बंद करेंगे और जनता की जीवनरेखा से जुड़े मुद्दों पर बात करना शुरू करेंगे।

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