चेन्नई , जनवरी 07 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्रमुक सरकार को हिंदू विरोधी करार देने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह आरोप निराधार हैं और वह अशोभनीय अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता 'अमित शाह हैं या बदनामी के शाह'।

श्री स्टालिन ने कहा, "हालिया दौरे में श्री शाह ने इस तरह से बात की है जैेसे तमिलनाडु हिंदू धार्मिक मान्यताओं और पूजा के अधिकार को समाप्त करने की कोशिश कर रहा हो। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।"श्री स्टालिन ने कहा, "ऐसा लगता है कि उन्हें तमिलनाडु में हो रहे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा हिंदुओं के अधिकारों के हनन के ऐसे निराधार आरोप लगाना उनके पद के लिए अत्यंत अशोभनीय है।"उन्होंने डिंडीगुल जिले में पूर्ण हो चुकी विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और नयी परियोजनाओं की नींव रखने के लिए आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, "सच तो यह है कि अशांति और फूट पैदा करने पर तुले लोगों की मंशा और उनकी रूढ़िवादी सोच ही निष्फल साबित हुई है। ऐसा अब नहीं होगा। हम इसकी इजाज़त नहीं देंगे। स्टालिन के रहते ऐसा कभी नहीं होगा। साफ शब्दों में कहें तो, इस तरह की बातें करके उनका इरादा उत्तरी राज्यों में नफरती अभियान चलाना है।"उन्होंने श्री शाह के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "पिछले चार वर्षों में, हमारी सरकार ने 4000 से अधिक मंदिरों का अभिषेक किया है जिसे 'कुंभाभिषेकम' कहते हैं और भक्तों का दिल जीता है। क्या भाजपा शासित राज्य ऐसा करने का दावा कर सकते हैं? बिलकुल नहीं। इसके अलावा, हमने अतिक्रमण हुए 997 मंदिरों की 7,655 एकड़ भूमि, जिसकी कीमत 7,071 करोड़ रुपये है, को वापस प्राप्त किया है। मैं सचिवालय में सप्ताह में दो दिन मानव संसाधन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग से संबंधित कार्यों का शुभारंभ कर रहा हूं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि द्रविड़ आदर्श सरकार भक्तों एवं संतों दोनों के लिए समान रूप से वांछनीय है। हम प्रत्येक धर्म के साथ समान व्यवहार कर रहे हैं, उनकी मान्यताओं का सम्मान कर रहे हैं और उनके अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं।"उन्होंने कहा, "अपमानजनक आरोपों के अलावा श्री शाह ने हमारा एक भला भी किया है, तमिलनाडु को मोदी सरकार की आवश्यकता है या नहीं, यह सवाल पूछकर उन्होंने हमारा काम आसान कर दिया है। यह एक ऐसा सवाल है जो हमें पूछना ही होगा! इसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता हूं।"श्री स्टालिन ने कहा, "2026 के चुनाव से पहले सवाल यह है कि क्या तमिलनाडु पर हमारा शासन होगा या दिल्ली से आए किसी दूर देश के नेता का? यह तमिलों के आत्मसम्मान के लिए एक चुनौती है। लोगों को यह समझाने की जरूरत नहीं है कि अन्नाद्रमुक गठबंधन को वोट देने से भाजपा का शासन आएगा और अमित शाह ने खुद यह बात स्वीकार की है।"उन्होंने पिछले 11 वर्षों में तमिलनाडु के लिए कुछ भी नहीं करने के लिए मोदी सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि क्या भाजपा यह नहीं समझ सकती कि तमिलनाडु की जनता ने उन्हें 2019, 2021 और 2024 में लगातार पराजय क्यों दी है।

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