चेन्नई , नवंबर 11 -- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु में सत्तारुढ़ द्रमुक और उसके सहयोगियों के राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन के कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में 4,379 फर्जी मतदाताओं की पहचान की गई है।
भाजपा की जिला कोर समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कोयंबटूर में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि अकेले रबीउल्लाह के नाम पर कई वोट हैं, जिसके पास तीन मतदाता पहचान पत्र हैं। उन्होंने कहा, "इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 4,379 फर्जी मतदाताओं की पहचान की गई है। क्या हम कह सकते हैं कि श्री स्टालिन इसी वजह से चुनाव जीते थे?"वित्त मंत्री ने द्रमुक के एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह अपने शासन की विफलताओं को छिपाने, लोगों को धोखा देने और उनका ध्यान भटकाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि एसआईआर भारत चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के सत्यापन और सुधार के लिए की जाने वाली नियमित प्रक्रिया है।
उन्होंने ज़ोर दिया कि एसआईआर एक आवश्यक प्रक्रिया है और इसे अद्यतन करना और नकली मतदाताओं को हटाना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी नामों, एकाधिक प्रविष्टियों को हटाना और आगामी चुनावों से पहले एक साफ़-सुथरी मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी जानना चाहा कि क्या मृत या अन्य स्थानों/राज्यों/शहरों में प्रवास कर चुके लोगों के नाम मतदाता सूची में रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह के संशोधन पहले भी 13 बार किए जा चुके हैं - 2000 से पहले दस बार और 2000 के बाद तीन बार। उन्होंने द्रमुक सरकार पर विरोध प्रदर्शन करके एक वैध प्रशासनिक प्रक्रिया का विरोध करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्हाेंने सवाल किया कि एसआईआर प्रक्रिया तब भी हुई थी जब डीएमके केंद्र सरकार का हिस्सा थी, क्या तब कोई समस्या नहीं थी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि वह आगामी चुनावों में हार के डर से ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने ईवीएम को दोष दिया और कहा कि अगर भाजपा जीतती है, तो इसका कारण ईवीएम में गड़बड़ी है। लेकिन अगर वे जीतते हैं, तो इसका मतलब है कि ईवीएम सही तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, "फिर उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष शासित राज्यों के खिलाफ किया जा रहा है। अब वे एसआईआर प्रक्रिया को गलत बता रहे हैं और इसे लोगों के मताधिकार छीनने का प्रयास बता रहे हैं।" उन्होंने आश्चर्य जताया कि वे (द्रमुक और सहयोगी दल) इस प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं, जो कि एक नियमित प्रक्रिया थी।
इससे पहले, टेक्सटाइल सिटी के मुदालीपलायम इलाके में कोर कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए, सुश्री निर्मला ने कहा कि भाजपा की सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को अग्रणी भूमिका में लाना और उनका उत्थान एवं सशक्तिकरण करना है , लेकिन विपक्षी दल इन योजनाओं को रोक रहे हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ऐसी योजनाएं शुरू करने के लिए बदनाम नहीं होना चाहिए और वे अपने बहुमत का इस्तेमाल करते हुए राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही पोंगल त्योहार के दौरान तमिलनाडु में आयोजित होने वाले लोकप्रिय वार्षिक बैल-वशीकरण खेल जल्लीकट्टू को रोका था और द्रमुक ने इसका समर्थन किया था। यह देखते हुए कि बैल-वशीकरण खेल तमिल संस्कृति का प्रतीक है, श्री मोदी ने इसे वापस लाने के लिए कदम उठाए।
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