नयी दिल्ली , अक्टूबर 23 -- सरकार ने स्टार्टअप इकइयों की मदद और स्टार्टअप और नवाचार परिवेश को सशक्त बनाने में सहयोग के लिए कोटक महिंद्र बैंक और प्राइमस पार्टनर्स प्रा. लि. के साथ सहयोग के दो अलग अलग करार किये हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इन समझौतों पर आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से हस्ताक्षर किये गऐ।
मंत्रालय ने कहा है कि बैंक कोटक महिंद्रा बैंक बैंक कोटक महिंद्रा बैंक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए समर्पित पेशकशों की एक श्रृंखला का विस्तार करेगा, जिसमें शून्य-शेष चालू खाते, कार्यशील पूंजी और सावधि ऋण, एपीआई-आधारित बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल भुगतान समाधान और विशिष्ट स्टार्टअप कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बैंक स्टार्टअप उद्यमियों को पथप्रदर्शन, निवेश सलाह, इनक्यूबेशन सहायता और नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच की सुविधा भी प्रदान करेगा ताकि उनको' विचार से लेकर विस्तार- तक में मदद मिले।
विज्ञप्ति के अनुसार प्राइमस पार्टनर्स के साथ साझेदारी का उद्देश्य क्षमता निर्माण के लिए सुव्यवस्थित सहायता प्रदान करना, विशेषज्ञतापूर्ण मार्गदर्शन करना, बाजार तक पहुंचने में मद, नीतियों के प्रति जागरूकता अभियान चलाना और प्रौद्योगिकी समन्वय की सुविधा के जरिये इकाइयों को उत्पाद के शुरूआती चरण और विकास चरण में समर्थन बढ़ाना है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के संयुक्त सचिव संजीव ने इस अवसर पर कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज वैश्विक परिवर्तन की दहलीज पर खड़ा है। नीति, उद्योग और नवाचार के बीच संबंधों को मज़बूत करके हमारा लक्ष्य ऐसे रास्ते बनाना है जो स्टार्टअप्स को सतत विकास, रोज़गार सृजन और भारत को एक वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में उभरने में सक्षम बनाएं।" उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारी एक जीवंत और समावेशी नवाचार इको-सिस्टम बनाने के लिए विभाग के निरंतर प्रयास को दर्शाती है।
विज्ञप्ति में कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के हवाले से कहा गया है कि यह समझौता इकाइयों के लिए उनकी विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार तैयार वित्तीय समाधान की उपलब्धता , पथप्रर्दन कार्यक्रमों और नेटवर्क के साथ सम्पर्क के माध्यम से सहायक होगा।
प्राइमस पार्टनर्स के सह-संस्थापक और अध्यक्ष दविंदर संधू ने कहा कि डीपीआईआईटी के साथ साझेदारी, मार्गदर्शन, ज्ञान साझाकरण और उद्योग संबंधों के जरिये स्टार्टअप समुदाय के साथ व्यवस्थित जुड़ाव को सुगम बनाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले एक मज़बूत वातावरण के निर्माण में योगदान देंगी।
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