रायपुर/मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी , नवंबर 11 -- छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ज़िले के ग्राम कोकरचाटोला में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर पालकों और ग्रामीणों द्वारा किए गए आंदोलन ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा आठ ग्रामीणों की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।

मामला तब शुरू हुआ जब युक्तियुक्तकरण के नाम पर शिक्षकों का तबादला कर दिया गया, जिससे कोकरचाटोला गांव का प्राथमिक स्कूल शिक्षकविहीन हो गया। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर जुलाई माह में ग्रामीणों और पालकों ने शांतिपूर्ण आंदोलन करने का निर्णय लिया तथा इसकी सूचना कलेक्टर को भी दे दी। ग्रामीणों का उद्देश्य केवल यह था कि उनके बच्चों के लिए फिर से शिक्षक की नियुक्ति की जाए।

हालांकि, अब यह खबर सामने आई है कि आंदोलन में शामिल आठ ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने सात गंभीर धाराएं दर्ज की हैं, जिनमें पांच साल तक की सज़ा का प्रावधान है। इतना ही नहीं, पुलिस ने कथित तौर पर इन ग्रामीणों को धोखे से थाने बुलाकर गिरफ्तार भी कर लिया।

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 'एक्स'पर लिखा, "अंधेर नगरी, चौपट राजा! बच्चे और ग्रामीण अगर अपने बच्चों के लिए शिक्षक भी नहीं मांग सकते, तो यह कैसी लोकतांत्रिक सरकार है? ऐसा अत्याचार तो अंग्रेज़ों के ज़माने में भी नहीं होता था।"उन्होंने आगे लिखा कि दमनकारी सरकार को इस कार्रवाई पर शर्म आनी चाहिए और निर्दोष ग्रामीणों पर दर्ज मामले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री की इस पोस्ट के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि शिक्षकों की कमी से परेशान ग्रामीणों को न्याय मांगने की सज़ा दी जा रही है।

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