श्रीनगर , अप्रैल 01 -- जम्मू- कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) इकाई ने बुधवार को एक डॉक्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। दोनों पर सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अलगाववादी और भ्रामक सामग्री फैलाने का आरोप है।
सीआईके ने बताया कि यह चार्जशीट श्रीनगर में एनआईए अधिनियम के तहत नामित विशेष न्यायाधीश की अदालत में डॉ. उमर फारूक भट और उनकी पत्नी शहजादा अख्तर के खिलाफ दाखिल की गई है। दोनों कुलगाम जिले के बुगाम इलाके के निवासी हैं। यह मामला पिछले वर्ष श्रीनगर के सीआईके थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 62(2) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13, 38 और 39 के तहत दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, शहजादा अख्तर ने प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों के साथ साजिश कर और अपने पति के सहयोग से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कश्मीर की स्थिति को लेकर कथित रूप से झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने का काम किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा साझा की गई सामग्री का उद्देश्य अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा देना, गलत सूचना फैलाना, धार्मिक वैमनस्य पैदा करना, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना और हिंसा भड़काना था, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
सीआईके ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए गए हैं, जिसके आधार पर सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है।
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