मुंबई , फरवरी 22 -- महाराष्ट्र विधानसभा का अहम बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा और यह सत्र 23 फरवरी से 25 मार्च तक चलेगा।
इस सत्र में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष अजित पवार की अनुपस्थिति सबको खलेगी।गौरतलब है कि श्री पवार का पिछले महीने विमान दुर्घटना में निधन हो गया था और उनकी अनुपस्थिति के कारण राज्य की राजनीति एक गहरा खालीपन आ गया है।
श्री पवार ने 1991 से रिकॉर्ड आठ बार बारामती से विधायक के तौर पर सदन का प्रतिनिधित्व किया था। वह एक कुशल प्रशासक एवं हंसमुख प्रवृति के नेता के तौर पर जाने जाते थे। उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर अच्छे रिश्ते बनाए रखे।
बजट सत्र 23 फरवरी से 25 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल आचार्य देवव्रत विधानसभा संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। इसके बाद दिवंगत उपमुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव लाया जाएगा।
मौजूदा समय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त एवं योजना विभाग को अपने पास रखा है। पहले ये विभाग श्री पवार के पास थे। श्री फडणवीस छह मार्च को 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करेंगे। सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के पास अच्छी संख्या होने के बावजूद उन्हें विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि यह लगातार दूसरा सत्र होगा जब विधानसभा या विधान परिषद में कोई विपक्ष का नेता नहीं होगा। श्री पवार के निधन के तीन दिन बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राकांपा विधायक दल का नेता चुना गया और उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की के तौर पर शपथ ली।
राज्यसभा सदस्य के तौर पर वह पहली बार विधानसभा के सत्र में उपस्थित रहेंगी। मौजूदा समय में उनके पास उन्हें राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और युवा मामले, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ का विभाग है। मौजूदा सत्र के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति पर नज़र रहेगी, क्योंकि महाराष्ट्र का कर्ज़ आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में यह आंकड़ा नौ लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचने की उम्मीद है। इन दिक्कतों के बावजूद, मुख्यमंत्री से उम्मीद है कि वह अवसंरचना , खेती, सिंचाई और सोशल सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के लिए एक बड़ा आवंटन मिलने की उम्मीद है। इस योजना ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत में योगदान दिया था। इसे लेकर गहरी दिलचस्पी है कि क्या इस बार आवंटन बढ़ाया जाएगा और क्या महीने की मदद मौजूदा 1,500 से बढ़ाई जाएगी। कुछ जगहों से इसका नाम बदलकर अजितदांची लड़की बहिन योजना करने की भी मांग की गई है। इस स्कीम की घोषणा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य के मुख्यमंत्री रहने के दौरान की थी और इसे श्री पवार ने वित्त मंत्री रहते हुए लागू किया था।
इस बीच, राज्यसभा के दो साल में एक बार होने वाले चुनाव 16 मार्च को होने हैं। राज्य के सात सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिनमें राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार और पार्टी नेता फौजिया खान, भाजपा नेता धैर्यशील मोहन पाटिल और भागवत कराड, भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आरपीआई-ए) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस नेता रजनी पाटिल, और शिवसेना (यूबीटी ) की प्रियंका चतुर्वेदी शमिल हैं।
इस समय विधानसभा में भाजपा के 131 विधायक, शिवसेना के 57 विधायक और राकांपा (अजित पवार) के 40 विधायक हैं। गठबंधन को जेएसएस (2), आरएसपीएस (1), आरपीए (1), आरएसवाईपी (1) और एक निर्दलीय सदस्य का भी समर्थन मिला हुआ है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के 20, कांग्रेस के 16, राकांपा (एसपी) के 10, माकपा के एक, पीडब्ल्यूपी के एक, सपा के दो और एआईएमआईएम का एक सदस्य है।
जीत का कोटा 37 वोट तय होने के साथ एवीए सिर्फ़ एक राज्यसभा सीट हासिल करने की स्थिति में है। हालांकि श्री पवार की उम्मीदवारी पर गठबंधन के अंदर आम सहमति बनती दिख रही है, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
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