मथुरा 5जनवरी (वार्ता) धर्म रक्षा संघ के तत्वावधान में परिक्रमा मार्ग स्थित भागवत मंदिरम में भगवान सोमनाथ का भव्य रुद्राभिषेक आयोजित किया गया। यह विशेष आयोजन मुस्लिम आक्रांता महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष (जनवरी 1026 - जनवरी 2026) पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया। आचार्य बद्रीश महाराज के सानिध्य में संतों, पदाधिकारियों और विद्यार्थियों ने विधि-विधान से महादेव की आराधना की।

धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने इस अवसर पर कहा कि जनवरी 1026 में गजनवी के आक्रमण का उद्देश्य केवल लूटपाट नहीं, बल्कि महान सनातन प्रतीकों को नष्ट करना था। उन्होंने कहा, "आक्रांता ने सोचा था कि वह आस्था को खत्म कर देगा, लेकिन सनातन को नष्ट करने के उसके मंसूबे कभी सफल नहीं हुए।"संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की कहानी विनाश की नहीं, बल्कि संघर्ष और पुनरुत्थान की है। यह मंदिर हर पीढ़ी को यह सिखाता है कि सत्य और आस्था कभी पराजित नहीं हो सकते।

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