सोमनाथ , जनवरी 10 -- गुजरात में स्वाभिमान पर्व अंतर्गत सोमनाथ, सागर और संगीत के त्रिवेणी संगम में भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु झूम उठे।
सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस पर्व के तहत मंदिर परिसर में प्रतिदिन रात को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में कल रात सागर, सोमनाथ तथा संगीत का एक अनोखा एवं अलौकिक समन्वय स्थापित हुआ। सागर की लहरों की गर्जना, सोमनाथ महादेव की पावन उपस्थिति और संगीतकी मधुर सुर लहरों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।
इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायक कीर्ति सागठिया तथा लोकप्रिय लोक गायक करसन सागठिया की जोड़ी ने महादेव के भावपूर्ण भजन, विभिन्न गरबा और लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। संगीत की ताल पर श्रोता झूम उठे और प्रत्येक रचना ने भक्ति, संस्कृति और लोक भावनाओं का संगम रचा।
साथ ही कलाकार हार्दिक दवे ने शिव स्तुति, शिव भजन और पानबाई के भजनों की रौनक जमा दी, जिसमें एकतारा के सुरों ने अलग ही भक्तिमय वातावरण निर्मित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसिद्ध लोक साहित्यकार राजभा गढवी ने लोक साहित्य के विविध रसों की शैली में प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित सभी ने भरपूर आनंद लिया । राजभा गढवी ने सोमनाथ के ऐतिहासिक प्रसंगों का वर्णन किया, जिससे वातावरण में शिवभक्ति और देशभक्ति का अद्भुत संयोजन देखने को मिला।
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