न्यूयार्क , जनवरी 26 -- वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट के चलते रविवार देर रात सोने की कीमतों ने $5,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की विदेश और आर्थिक नीतियों से उपजी चिंताओं का परिणाम माना जा रहा है।

सीएनएन के अनुसार वर्ष 2026 के शुरुआती 26 दिनों में ही सोने की कीमतों में 15 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। यह बढ़त 2025 की उस रिकॉर्ड का विस्तार है, जब कीमतों में 65 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई थी। तक यह 1979 के बाद का सबसे बड़ा उछाल था। रविवार रात 8:14 बजे सोना 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,058 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रहा था। भारतीय बाजारों में सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,62,000 रुपये के आस-पास बतायी जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन के उठाए गए वैश्विक और घरेलू कदमों ने निवेशकों को जोखिम लेने से डरा दिया है। वेनेजुएला में सैन्य अभियान और ईरानी शासन के खिलाफ सख्त बयानबाजी ने निवेशकों में भय पैदा किया है तो ग्रीनलैंड के मुद्दे पर नाटो सहयोगियों के खिलाफ टैरिफ की धमकी और कनाडा से आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की हालिया चेतावनी ने भी इस आग में घी डालने का काम किया। इसके अलावा अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ कथित आपराधिक जांच के संकेतों ने भी बाजार को अस्थिर किया है।

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया। रविवार को चांदी 4.5 प्रतिशत बढ़कर 107.8 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गई। मांग में इस वृद्धि के अन्य कारणों में कमजोर अमेरिकी डॉलर, बढ़ती महंगाई और केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही खरीदारी शामिल है।

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