सोनभद्र , फरवरी 26 -- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में करीब साढ़े 4 वर्ष पूर्व हुए राम आसरे मौर्य हत्याकांड के मामले में वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर तीन दोषियों राजेंद्र मौर्या, जसवंत मौर्या व निहाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

कोर्ट ने 20-20 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4-4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। कोर्ट ने तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक संतोष मौर्य उर्फ भोला ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसके गांव के राजेंद्र मौर्य व बिसहार गांव निवासी निहाल से जमीन पर पाइप बिछाने को लेकर विवाद चल रहा था। 29 नवंबर 2021 को वह अपने पिता व चाचा के लड़के गोलू के साथ गांव के लालू मौर्या की शादी में कठपुरवा गए थे। उसकी शादी में निहाल भी आया था। करीब साढ़े 9 बजे रात वेलोग घर के लिए निकल दिए। रास्ते में जसवंत मौर्या, राजेंद्र मौर्या, निहाल समेत छह लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और जसवंत मौर्या ने पिता की कनपटी पर गोली मार दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर तीन दोषियों राजेंद्र मौर्या, जसवंत मौर्या व निहाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उनके ऊपर 20-20 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4-4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित