ओसाका/चंडीगढ़ , अक्टूबर 07 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जापान के ओसाका में आयोजित विश्व एक्सपो-2025 में हरियाणा पैवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत के समग्र विकास में हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
श्री सैनी ने कहा कि जब भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है, तो हरियाणा इस लक्ष्य को साकार करने में अपना अधिकतम योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का मात्र 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत हिस्सा रखता है, फिर भी यह छोटा राज्य भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन है। उद्योगों को लॉजिस्टिक्स सुविधाएं प्रदान करने में हरियाणा देश में दूसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। 400 फॉर्च्यून कंपनियों के कार्यालय गुरुग्राम में स्थित हैं।
उन्होंने बताया कि भारत की सड़कों पर दौड़ने वाली हर दूसरी कार हरियाणा में बनती है और देश के 52 प्रतिशत ट्रैक्टर यहीं तैयार होते हैं। खाद्यान्न पूल में योगदान के मामले में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है, वहीं खेलों में यह राज्य सबसे अधिक पदक जीतने वाला प्रदेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ऑटोमोबाइल, आईटी और अन्य उद्योगों का प्रमुख केंद्र है। यहां विकसित औद्योगिक क्षेत्र, चौड़े राजमार्ग, रेल नेटवर्क, मेट्रो रेल प्रणाली और उन्नत संचार सुविधाएं मौजूद हैं। राज्य का हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा है और हर गांव बिजली से रोशन है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सरकार स्टार्टअप्स और एमएसएमई को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में राज्य में 7.66 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम स्थापित हुए हैं, जिनसे 39 लाख लोगों को रोजगार मिला है। आज हरियाणा स्टार्टअप्स की संख्या में भारत का सातवां सबसे बड़ा राज्य है। वर्तमान में राज्य में 9,500 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य को भारत का नंबर वन स्टार्टअप हब बनाने का लक्ष्य रखा है और हाल ही में 22 स्टार्टअप्स को 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का 'फंड ऑफ फंड्स' भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे युवा अपने विचारों पर निर्भय होकर काम कर सकेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित