नयी दिल्ली , फरवरी 13 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां नये प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर 'तीर्थ भवन' के नामकरण का अनावरण और उद्घाटन किया और सबसे पहले फैसलों में किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिरण से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किये।
तीर्थ भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं जो पहले अलग-अलग भवनों में थे।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा तीर्थ में लिये गये पहले फैसलों में गरीबों, वंचितों, हमारे परिश्रमी किसानों, युवा शक्ति और नारी शक्ति के सशक्तिकरण से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इन फैसलों में दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार, लखपति दीदी योजना के लक्ष्य को दोगुना कर 6 करोड़ करना, कृषि अवसंरचना कोष का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये करना और स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी देना शामिल है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ," आज सेवा तीर्थ में, गरीबों, वंचितों, हमारे परिश्रमी किसानों, युवा शक्ति और नारी शक्ति के सशक्तिकरण से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:पीएम राहत योजना के शुभारंभ को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रभावित किसी भी व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त हो।
लखपति दीदी योजना के लक्ष्य को दोगुना कर 6 करोड़ किया गया है। इससे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि अवसंरचना कोष का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे हमारे किसानों को अत्यंत लाभ होगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
दस हजार करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को स्वीकृति दी गई है। इससे शुरुआती चरण के स्टार्टअप और गहन प्रौद्योगिकी अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा।"उन्होंने कहा कि ये निर्णय 'नागरिक देवो भव' की भावना को सुदृढ़ करते हैं और विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करते हैं।
श्री मोदी ने कहा कि भारत की जनता की सेवा के अटूट संकल्प और 'नागरिक देवो भव' की पवित्र भावना से प्रेरित होकर सेवा तीर्थ विनम्रतापूर्वक राष्ट्र को समर्पित है। सेवा तीर्थ सदैव कर्तव्य, करुणा और 'भारत प्रथम' के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता का उज्ज्वल प्रतीक बना रहे। यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और सभी के कल्याण हेतु अथक समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को बताया था इन भवनों का उद्घाटन देश की प्रशासनिक शासन संरचना में परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। यह आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में दशकों से कई स्थानों पर फैले हुए खंडित और पुरानी अवसंरचनाओं से कार्य कर रहे थे। प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण संचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव की बढ़ती लागत और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं। आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जायेगी।
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