धार , जनवरी 05 -- मध्यप्रदेश में धार शहर की शिव विहार कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) की इंदौर में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन उनका शव लेकर धार पहुंचे। सोमवार सुबह कॉलोनी से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें परिवारजनों व रिश्तेदारों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

परिजनों के अनुसार ओमप्रकाश शर्मा अपने रिश्तेदार से मिलने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र गए थे, जहां उन्होंने क्षेत्र का दूषित पानी पिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। रविवार दोपहर इंदौर में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। अचानक हुई मौत से परिवार और परिचितों में चिंता का माहौल है।

ओमप्रकाश शर्मा पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद से चार वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। उनका धार की शिव विहार कॉलोनी में निवास है। उनका बेटा गौरव शर्मा इंदौर में शिक्षक हैं। बेटे से मिलने 25 दिसंबर को वे इंदौर के राजेंद्र नगर पहुंचे थे। 28 दिसंबर को भागीरथपुरा में रहने वाले रिश्तेदार से मिलने गए, जहां रुकने के बाद फिर बेटे के घर लौट आए।

परिजनों के अनुसार 1 जनवरी को उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 2 जनवरी को आईसीयू में शिफ्ट किया गया और दो दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया। रविवार दोपहर करीब 1 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

मृतक के बेटे गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान करीब डेढ़ लाख रुपये दवाइयों पर और सवा लाख रुपये अस्पताल बिल में खर्च हुए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आधार कार्ड नहीं होने के कारण प्रशासन ने उन्हें पांडेमिक पीड़ितों की सूची में शामिल नहीं किया। उनका कहना है कि संक्रमण आधार कार्ड या शहर देखकर नहीं आता।

बेटे ने बताया कि उनके पिता में दूषित पानी से होने वाले संक्रमण जैसे ही सभी लक्षण थे और पहले कोई ऐसी चिकित्सकीय पृष्ठभूमि नहीं थी। डॉक्टरों द्वारा भी यह स्थिति लिखित रूप में बताई गई, इसके बावजूद तकनीकी कारणों से सहायता नहीं मिल सकी। इधर, इंदौर प्रशासन ने इस मौत को पांडेमिक से बाहर माना है। ओमप्रकाश शर्मा का अंतिम संस्कार धार के मुक्तिधाम में किया गया।

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