ईटानगर , जनवरी 14 -- अरूणाचल प्रदेश में तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू (टीएमआर) टीम के अनुभवी पर्वतारोहियों ने गजराज कॉर्प्स के सैनिकों के साथ मिलकर तवांग के अग्रिम क्षेत्रों में लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर संयुक्त हिमस्खलन बचाव अभ्यास किया।
इस गहन प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य हिमस्खलन के जोखिम को कम करना, विशेष बचाव तकनीक और अत्यधिक ऊंचाई वाले कठिन मौसम में जीवित रहने के लिए जरूरी कौशल विकसित करना था।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, वास्तविक आपात स्थितियों के लिए तत्परता बढ़ाने के लिए अभ्यास के दौरान व्यावहारिक परिदृश्यों पर विशेष जोर दिया गया। इस ड्रिल ने सैनिकों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और जीवन रक्षक कौशल में सुधार लाने में मदद की है। इससे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में अधिक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से काम कर हो सकेगा।
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण पहल कठिन वातावरण में परिचालन तैयारी और मिशन की प्रभावशीलता के प्रति भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसी के साथ अरुणाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए सेना ने पश्चिम कामेंग जिले के टेंगा में राज्य का पहला अत्याधुनिक इंट्रा-यूट्रिन इंसेमिनेशन (आईयूआई) केंद्र स्थापित किया है। गजराज कॉर्प्स के तत्वावधान में बॉल ऑफ फायर डिवीजन के 'कामेंग हीलर्स' ने इस सुविधा को तैयार किया है। रक्षा प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि यह केंद्र क्षेत्र में प्रजनन उपचार की दिशा में एक बड़ी प्रगति है, जो स्थानीय नागरिकों और सैन्य कर्मियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
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