नयी दिल्ली , जनवरी 10 -- कैप्टन ब्रजेश थापा, लांस नायक स्टांजिन तर्गियास, राइफलमैन मोहित राठौर और राइफलमैन हिलाल अहमद भट को शनिवार को मरणोपरांत सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया। दिल्ली छावनी स्थित मानेकशॉ सेंटर में सेना की पश्चिमी कमान के अलंकरण समारोह में ये सम्मान प्रदान किये गये। समारोह में छह युद्ध सेवा पदक, 30 सेना पदक (वीरता), एक बार टू सेना पदक (विशिष्ट), 19 सेना पदक (विशिष्ट) और 44 विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किये गये।

सेना की वायु रक्षा कोर से संबंध रखने वाले और 10 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात कैप्टन (शहीद) ब्रजेश थापा ने 14 जुलाई 2024 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। वन क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की विशेष खुफिया सूचना के आधार पर उन्होंने तलाशी अभियान का नेतृत्व किया।

टोही और गश्त अभियान के आधार पर उन्होंने आतंकियों के भागने के संभावित मार्गों का सटीक आकलन किया और अगले दिन ऊंचाई वाले क्षेत्र में तलाशी शुरू की। अभियान के दौरान अभियान में शामिल दल पर आतंकियों ने भारी और अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें उनके स्काउट्स घायल हो गए।

इसके बावजूद कैप्टन थापा भारी गोलीबारी के बीच आगे बढ़े, अपने घायल स्काउट्स को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई की। खुले मैदान में सीमित कवर होने के कारण वे आतंकियों की गोली से गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

19 राष्ट्रीय राइफल्स के राइफलमैन हिलाल अहमद भट ने 8 अक्टूबर 2024 को शेखपोरा जंगल में संयुक्त अभियान के दौरान अद्वितीय साहस का परिचय दिया। संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर उसकी ओर बढ़ते समय वह अपने साथी के साथ घात लगाए आतंकियों के सामने आ गए। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए राइफलमैन भट ने निडरता से आतंकियों को चुनौती दी और जानबूझकर दुश्मन की गोलीबारी अपनी ओर आकर्षित की, ताकि उनका साथी सुरक्षित निकल सके और अन्य निगरानी दलों को सतर्क कर सके।

कई गोली लगने के बावजूद उन्होंने आतंकियों के साथ तब तक मुकाबला जारी रखा जब तक कि उनका साथी सुरक्षित नहीं निकल गया। इस वीरतापूर्ण कार्रवाई के दौरान उन्हें कई गोलियां लगीं और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।

राइफलमैन मोहित राठौर 57 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की घातक टीम में तैनात थे और वह 27 जुलाई 2024 को गुलाब सब सेक्टर में दुश्मन के हमले के दौरान शहीद हुए। सीमा पार से आये बार्डर एक्शन टीम (बैट) के आतंकवादियों ने तड़के लगभग पौने चार बजे सेना की चौकी की परिधि के पास से ग्रेनेड और छोटे हथियारों से गोलीबारी कर हमला किया। राइफलमैन राठौर इसका तुरंत जवाब देते हुए बंकर से बाहर निकले और भारी गोलीबारी के बीच रेंगते हुए आगे बढ़े। उन्होंने आतंकवादियों पर जोरदार फायर किया, जिससे एक आतंकी घायल हो गया। कई गोलियां लगने और अत्यधिक खून बहले के बावजूद वह आगे बढ़ते रहे। दुश्मन की एक और गोली लगने से वह गिर पड़े और बाद में वीरगति को प्राप्त हुए।

लांस नायक स्टांजिन तर्गियास 5 लद्दाख स्काउट्स में तैनात थे। वह माउंट कुन (7077 मीटर) अभियान के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने 8 अक्टूबर 2023 को माउंट कुन पर मार्ग खोलने के मिशन के दौरान स्वेच्छा से अत्यंत खड़ी, दुर्गम और विषम परिस्थितियों में कैंप-1 से कैंप-2 तक, 20,250 फुट की ऊंचाई पर मार्ग खोलने की जिम्मेदारी संभाली।

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