मुंबई , जनवरी 02 -- एशिया के सबसे पुराने शेयर बाजार बीएसई के मुख्य सूचकांक सेंसेक्स ने शुक्रवार को 40 साल पूरे किये और इन चार दशकों में सेंसेक्स में निवेश पर औसतन साल दर साल 13 प्रतिशत का लाभ हुआ है।
इस उपलक्ष्य में बीएसई में एक समारोह का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि सेंसेक्स पिछले चार दशकों की अपनी यात्रा में एक मजबूत बाजार संकेतक की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि यह देश के आर्थिक परिवर्तन और पूंजी बाजार की परिपक्वता को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम में बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररामन राममूर्ति मौजूद थे। श्री राममूर्ति ने इसे देश के पूंजी बाजार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उत्सव बताया।
बीएसई की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि सेंसेक्स ने पिछले चार दशकों में 13 प्रतिशत से ज्यादा की औसत से सालाना रिटर्न दिया है। यह इसी अवधि में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वर्तमान मूल्य पर साल-दर-साल की वृद्धि दर के करीब है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस दौरान कई संकट आये और बाजार सुधार किये गये लेकिन सेंसेक्स हमेशा मजबूती से डटा रहा।
बीएसई के इस प्रमुख सूचकांक की शुरुआत 02 जनवरी 1986 को हुई थी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की 30 अग्रणी कंपनियों के शेयरों को रखा जाता है जो अपने समय की सबसे मजबूत कंपनियों में गिनी जाती है और जिनके शेयर बाजार सबसे ज्यादा खरीदे-बचे जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि सेंसेक्स आज 573.41 अंक (0.67 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 85,762.01 अंक पर बंद हुआ। यह इसका दूसरा उच्चतम बंद स्तर है। यह 26 सितंबर 2024 को 85.836.12 अंक पर बंद हुआ था। बीच कारोबार का इसका उच्चतम स्तर 86,159.02 अंक है जो गत 01 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया था।
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