अयोध्या , मार्च 27 -- प्रभु श्रीराम के बालस्वरूप रामलला के जन्मोत्सव पर ठीक 12 बजे राममंदिर स्थित गर्भगृह में स्थापित रामलला की भव्य दिव्य प्रतिमा के ललाट पर भगवान सूर्य की किरणों ने सूर्यतिलक कर उनका अभिषेक किया।
राम का जन्म होते ही राममंदिर का संपूर्ण परिसर जय श्री राम के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो गया, घंटा घड़ियाल और मृदंग मंजीरों के मधुर संगीत के साथ प्रगट भए कृपाला दीन दयाला के भजन से रामभक्त श्रद्धालु झूम उठे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर राममय हो गया।
रामजन्मोत्सव की शुरुआत प्रभु श्रीराम के पंचामृत महाभिषेक से प्रातः 9 बजे ही शुरू हो गयी थी। राममंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया। प्रभु श्रीराम का श्रृंगार किया गया और रामलला को पीला वस्त्र धारण कराया गया। रामलला को भोग प्रसाद ग्रहण कराने के बाद उनकी आरती उतारी गई। प्रभु श्रीराम के सूर्यतिलक का जिम्मा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान बंगलूरू ने लिया है। दस वर्षों का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के बीच सूर्यतिलक कार्यक्रम के आयोजन का अनुबंध हुआ है। सूर्य की किरणें प्रभु श्रीराम के ललाट पर कुल छ मिनट तक अभिषेक किया।
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