भोपाल , जनवरी 03 -- नए साल के जश्न के बीच पृथ्वी के लिए पहले सप्ताह का अंत खगोलीय दृष्टि से भी खास रहने वाला है। शनिवार 3 जनवरी को जहां पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीकी बिंदु पर पहुंच रही है, वहीं चंद्रमा भी पृथ्वी के करीब रहकर लगभग सुपरमून जैसा दिखाई देगा। यह जानकारी नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने दी।

सारिका घारू ने बताया कि सभी खगोलीय पिंड सूर्य के चारों ओर अंडाकार कक्षा में परिक्रमा करते हैं। इसी कारण अपनी कक्षा में वे कभी सूर्य या पृथ्वी के सबसे पास आते हैं और कभी सबसे दूर चले जाते हैं। सूर्य के सबसे पास आने की स्थिति को पेरिहेलियन कहा जाता है और यह स्थिति नए साल की शुरुआत में बन रही है।

उन्होंने बताया कि आज शनिवार रात्रि 10 बजकर 45 मिनट पर पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट पहुंचेगी। उस समय पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी घटकर लगभग 14 करोड़ 70 लाख 99 हजार 894 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं जुलाई माह में यह दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख 87 हजार 774 किलोमीटर हो जाती है।

सारिका ने बताया कि सोशल मीडिया पर आज के चंद्रमा को वुल्फ सुपरमून बताया जा रहा है, लेकिन खगोल विज्ञान की दृष्टि से चंद्रमा 1 जनवरी को पृथ्वी के सबसे नजदीक बिंदु पर पहुंच चुका था और अब धीरे-धीरे दूर जा रहा है। इसी कारण यह पूर्ण सुपरमून न होकर सुपरमून जैसा दिखाई देगा।

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