सूरजपुर , फरवरी 12 -- छत्तीसगढ़ में सूरजपुर पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से सटे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से धोखाधड़ी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बताकर एनडीपीएस एक्ट में जेल निरुद्ध युवक को केस से नाम हटवाने के नाम पर उसके पिता से 75 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को बहराइच से दबिश देकर गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, बैंक पासबुक, एटीएम और चेकबुक जब्त की गई है।
सूरजपुर जिले के डीआईजी प्रशांत कुमार ठाकुर ने गुरुवार (12 फरवरी) को मीडिया को बताया कि ग्राम सिरसी निवासी चिंतामणी बंजारे (45) ने चौकी बसदेई में 13 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा अनिल बंजारे थाना गांधीनगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 के तहत दर्ज प्रकरण में जेल निरुद्ध है। इसी दौरान उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बताते हुए केस से नाम हटवाने और जेल से छुड़वाने का झांसा दिया। आरोपी ने फोन-पे के माध्यम से 75 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर चौकी बसदेई पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 497/25 पंजीबद्ध किया।
डीआईजी प्रशांत ठाकुर ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। चौकी बसदेई पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से आरोपियों के लोकेशन को ट्रेस किया। जांच में पता चला कि आरोपी नेपाल बॉर्डर से सटे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में छिपे हुए हैं। आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी प्रशांत ठाकुर के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बहराइच जिले के पेटरहा, थाना मोतीपुर इलाके में दबिश दी। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी इमरान (22) पिता समशेर और मोहम्मद आलम (29) पिता नूर अली को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर ठगी की इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पीड़ित के बेटे के जेल होने की जानकारी किसी अन्य माध्यम से हासिल की और फिर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी बनकर फोन किया। ठगी की रकम को गूगल-पे के माध्यम से हासिल करने की बात भी उन्होंने स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल, आठ सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, एक एटीएम कार्ड व एक चेकबुक जब्त की है। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 फरवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल, आरक्षक देवदत्त दुबे, नीलेश जायसवाल, युवराज यादव, रौशन सिंह, अशोक केंवट, राकेश सिंह, रामकुमार, आदित्य यादव, अशोक सिंह, भुनेश्वर सिंह व सैनिक अनिल विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित