चंडीगढ़ , फरवरी 07 -- हरियाणा में फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में इस वर्ष थीम स्टेट के रूप में मेघालय और उत्तर प्रदेश को चुना गया है। मेले में मेघालय पवेलियन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैजहां राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पारंपरिक हस्तशिल्प व्यंजन और लोक कला का भव्य प्रदर्शन किया गया है। मेघालय की संस्कृति और परंपरा पर आधारित पवेलियन में लकड़ी, पीतल सहित अन्य धातुओं से निर्मित हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैंजो आगंतुकों को खासा आकर्षित कर रही हैं। इसके साथ ही मेघालय के पारंपरिक व्यंजन पर्यटकों को अनोखे स्वाद का अनुभव करा रहे हैं। पवेलियन राज्य की कला, संस्कृति और शिल्प कौशल की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है। वहीं लोकल फॉर ग्लोबल आत्मनिर्भर भारत थीम के अंतर्गत आयोजित इस मेले में आंध्र प्रदेश की पारंपरिक चमड़े की चित्रकारी कला भी विशेष आकर्षण बनी हुई है।

आंध्र प्रदेश से आए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पकार शिंदे रामुलु प्राकृतिक रंगों से तैयार की गई इस दुर्लभ कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस कला से निर्मित लैम्प शेड वॉल पेंटिंग्स और अन्य सजावटी वस्तुएं दर्शकों को खूब पसंद आ रही हैं।

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