चंडीगढ़ , फरवरी 06 -- हरियाणा में फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में देश-विदेश से आए कलाकार अपनी कला संस्कृति और पारंपरिक शिल्पों का भव्य प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में मिट्टी के बर्तन हस्तकरघा उत्पाद सजावटी वस्तुएं और लोक कलाओं पर आधारित हस्तशिल्प पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।

राजस्थान की मिट्टी से बने बर्तन और सजावटी सामान मेले की शान बढ़ा रहे हैं। रंग-बिरंगे घड़े सुराही दीये पानी की बोतलें फूलदान कलात्मक प्लेटें और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही हैं।

इन पर पारंपरिक राजस्थानी डिजाइनों और चमकीले रंगों की कलात्मक छाप देखने को मिलती है, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। कई कारीगर चाक पर मिट्टी को आकार देते हुए अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन भी कर रहे हैं। मेले में टेराकोटा सहित विभिन्न प्रकार की मिट्टी से बनी मूर्तियां खिलौने और घर सजाने की वस्तुएं उपलब्ध हैं।

ये उत्पाद न केवल सजावट का माध्यम हैं बल्कि भारतीय ग्रामीण जीवन और परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत करते हैं। राजसमंद जिले के गांव मौलेना से आए कारीगर लक्ष्मी लाल कुमार और उनके सहायक राजकुमार ने बताया कि यह उनकी पुश्तैनी कला है और वे वर्ष 2009 से सूरजकुंड मेले में भाग ले रहे हैं।

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